शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2100

2100 की 57 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

8 मुहूर्त
16 जनवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
17 जनवरीरविवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
18 जनवरीसोमवाररेवतीअष्टमी
22 जनवरीशुक्रवाररोहिणीएकादशी
23 जनवरीशनिवारमृगशिराद्वादशी
28 जनवरीगुरुवारमघातृतीया
30 जनवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
31 जनवरीरविवारहस्तषष्ठी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
5 फ़रवरीशुक्रवारमूलएकादशी
7 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
14 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
19 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
24 फ़रवरीबुधवारमघापूर्णिमा
26 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
27 फ़रवरीशनिवारहस्ततृतीया

मार्च

6 मुहूर्त
1 मार्चसोमवारस्वातीषष्ठी
3 मार्चबुधवारअनुराधाअष्टमी
5 मार्चशुक्रवारमूलदशमी
7 मार्चरविवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
12 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
13 मार्चशनिवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

4 मुहूर्त
22 अप्रैलगुरुवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
25 अप्रैलरविवारस्वातीप्रतिपदा
28 अप्रैलबुधवारमूलपंचमी
30 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

9 मुहूर्त
6 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
7 मईशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
19 मईबुधवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
20 मईगुरुवारहस्तएकादशी
22 मईशनिवारस्वातीत्रयोदशी
24 मईसोमवारअनुराधाप्रतिपदा
26 मईबुधवारमूलतृतीया
28 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

8 मुहूर्त
2 जूनबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
3 जूनगुरुवाररेवतीएकादशी
9 जूनबुधवारमृगशिराप्रतिपदा
14 जूनसोमवारमघाषष्ठी
17 जूनगुरुवारहस्तदशमी
20 जूनरविवारअनुराधात्रयोदशी
24 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
30 जूनबुधवाररेवतीअष्टमी

जुलाई

3 मुहूर्त
5 जुलाईसोमवाररोहिणीत्रयोदशी
14 जुलाईबुधवारहस्तसप्तमी
16 जुलाईशुक्रवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
13 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
14 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
18 नवंबरगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
19 नवंबरशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
20 नवंबरशनिवारमृगशिरातृतीया
25 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
27 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
3 दिसंबरशुक्रवारमूलद्वितीया
11 दिसंबरशनिवाररेवतीदशमी
16 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
17 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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