शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1955

1955 की 37 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
15 जनवरीशनिवारहस्तसप्तमी
19 जनवरीबुधवारअनुराधाएकादशी
21 जनवरीशुक्रवारमूलत्रयोदशी
29 जनवरीशनिवाररेवतीषष्ठी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवाररोहिणीदशमी
3 फ़रवरीगुरुवारमृगशिराएकादशी
11 फ़रवरीशुक्रवारहस्तपंचमी
13 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
18 फ़रवरीशुक्रवारमूलएकादशी
20 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
25 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
9 मार्चबुधवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
10 मार्चगुरुवारहस्तद्वितीया
13 मार्चरविवारस्वातीपंचमी

अप्रैल

1 मुहूर्त
25 अप्रैलसोमवाररोहिणीतृतीया

मई

9 मुहूर्त
1 मईरविवारमघादशमी
4 मईबुधवारहस्तत्रयोदशी
6 मईशुक्रवारस्वातीपूर्णिमा
8 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
13 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
18 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
19 मईगुरुवाररेवतीद्वादशी
23 मईसोमवारमृगशिराद्वितीया
28 मईशनिवारमघासप्तमी

जून

6 मुहूर्त
2 जूनगुरुवारस्वातीद्वादशी
5 जूनरविवारअनुराधापूर्णिमा
15 जूनबुधवाररेवतीदशमी
24 जूनशुक्रवारमघापंचमी
26 जूनरविवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
27 जूनसोमवारहस्तअष्टमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

1 मुहूर्त
30 नवंबरबुधवाररोहिणीप्रतिपदा

दिसंबर

6 मुहूर्त
1 दिसंबरगुरुवारमृगशिराद्वितीया
5 दिसंबरसोमवारमघासप्तमी
8 दिसंबरगुरुवारहस्तदशमी
10 दिसंबरशनिवारस्वातीद्वादशी
11 दिसंबररविवारस्वातीत्रयोदशी
15 दिसंबरगुरुवारमूलप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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