शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1968

1968 की 51 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
18 जनवरीगुरुवारमघातृतीया
20 जनवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
21 जनवरीरविवारहस्तषष्ठी
25 जनवरीगुरुवारअनुराधादशमी
27 जनवरीशनिवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

10 मुहूर्त
3 फ़रवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
4 फ़रवरीरविवाररेवतीषष्ठी
9 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
10 फ़रवरीशनिवारमृगशिराएकादशी
15 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
17 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
19 फ़रवरीसोमवारस्वातीषष्ठी
21 फ़रवरीबुधवारअनुराधाअष्टमी
23 फ़रवरीशुक्रवारमूलदशमी
25 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

3 मुहूर्त
1 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
2 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया
7 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी

अप्रैल

4 मुहूर्त
14 अप्रैलरविवारस्वातीप्रतिपदा
18 अप्रैलगुरुवारमूलषष्ठी
20 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
25 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

8 मुहूर्त
9 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
10 मईशुक्रवारहस्तत्रयोदशी
13 मईसोमवारअनुराधाप्रतिपदा
15 मईबुधवारमूलतृतीया
17 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
22 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
23 मईगुरुवाररेवतीद्वादशी
29 मईबुधवारमृगशिराद्वितीया

जून

4 मुहूर्त
3 जूनसोमवारमघासप्तमी
6 जूनगुरुवारहस्तदशमी
8 जूनशनिवारस्वातीद्वादशी
13 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया

जुलाई

2 मुहूर्त
3 जुलाईबुधवारहस्तसप्तमी
5 जुलाईशुक्रवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

11 मुहूर्त
2 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
3 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
7 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
8 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
16 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 नवंबररविवारहस्तद्वादशी
21 नवंबरगुरुवारअनुराधाप्रतिपदा
22 नवंबरशुक्रवारमूलतृतीया
24 नवंबररविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
29 नवंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
30 नवंबरशनिवाररेवतीएकादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
5 दिसंबरगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
6 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
11 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी
13 दिसंबरशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष