शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1971

1971 की 52 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
17 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
18 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
20 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
22 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
24 जनवरीरविवारमूलद्वादशी
31 जनवरीरविवारउत्तर भाद्रपदापंचमी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
1 फ़रवरीसोमवाररेवतीषष्ठी
5 फ़रवरीशुक्रवाररोहिणीएकादशी
6 फ़रवरीशनिवारमृगशिराएकादशी
11 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
13 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
17 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
21 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
27 फ़रवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी
13 मार्चशनिवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
14 मार्चरविवारहस्तद्वितीया

अप्रैल

4 मुहूर्त
16 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी
18 अप्रैलरविवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
23 अप्रैलशुक्रवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
29 अप्रैलगुरुवारमृगशिरापंचमी

मई

8 मुहूर्त
6 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
7 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
10 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
12 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
16 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
21 मईशुक्रवाररेवतीएकादशी
26 मईबुधवारमृगशिराद्वितीया
31 मईसोमवारमघासप्तमी

जून

8 मुहूर्त
3 जूनगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
4 जूनशुक्रवारहस्तएकादशी
6 जूनरविवारस्वातीत्रयोदशी
10 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
18 जूनशुक्रवाररेवतीदशमी
21 जूनसोमवाररोहिणीत्रयोदशी
28 जूनसोमवारमघापंचमी
30 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी

जुलाई

2 मुहूर्त
1 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
3 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
1 नवंबरसोमवाररेवतीत्रयोदशी
5 नवंबरशुक्रवाररोहिणीतृतीया
13 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
14 नवंबररविवारहस्तद्वादशी
19 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
21 नवंबररविवारमूलतृतीया
28 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
29 नवंबरसोमवाररेवतीद्वादशी

दिसंबर

5 मुहूर्त
2 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
3 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
8 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी
10 दिसंबरशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
12 दिसंबररविवारहस्तदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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