शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1994

1994 की 55 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
19 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी
23 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
24 जनवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
29 जनवरीशनिवारमघाद्वितीया

फ़रवरी

7 मुहूर्त
3 फ़रवरीगुरुवारस्वातीअष्टमी
5 फ़रवरीशनिवारअनुराधादशमी
7 फ़रवरीसोमवारमूलद्वादशी
21 फ़रवरीसोमवारमृगशिरादशमी
26 फ़रवरीशनिवारमघापूर्णिमा
27 फ़रवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
28 फ़रवरीसोमवारहस्ततृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चबुधवारस्वातीपंचमी
4 मार्चशुक्रवारअनुराधासप्तमी
13 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
14 मार्चसोमवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

6 मुहूर्त
16 अप्रैलशनिवारमृगशिरापंचमी
21 अप्रैलगुरुवारमघादशमी
23 अप्रैलशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
24 अप्रैलरविवारहस्तत्रयोदशी
28 अप्रैलगुरुवारअनुराधातृतीया
30 अप्रैलशनिवारमूलपंचमी

मई

12 मुहूर्त
1 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
7 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
8 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईगुरुवाररोहिणीद्वितीया
13 मईशुक्रवाररोहिणीतृतीया
19 मईगुरुवारमघाअष्टमी
21 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
22 मईरविवारहस्तद्वादशी
23 मईसोमवारस्वातीत्रयोदशी
25 मईबुधवारअनुराधापूर्णिमा
27 मईशुक्रवारमूलतृतीया
29 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

9 मुहूर्त
3 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
4 जूनशनिवाररेवतीएकादशी
10 जूनशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
15 जूनबुधवारमघाषष्ठी
17 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
20 जूनसोमवारस्वातीद्वादशी
23 जूनगुरुवारमूलपूर्णिमा
25 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
30 जूनगुरुवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी

जुलाई

4 मुहूर्त
1 जुलाईशुक्रवाररेवतीअष्टमी
6 जुलाईबुधवाररोहिणीत्रयोदशी
14 जुलाईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
15 जुलाईशुक्रवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
14 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
19 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
20 नवंबररविवाररोहिणीद्वितीया
21 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
26 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
28 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी

दिसंबर

3 मुहूर्त
1 दिसंबरगुरुवारस्वातीत्रयोदशी
4 दिसंबररविवारमूलद्वितीया
12 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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