शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1993

1993 की 38 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
14 जनवरीगुरुवारहस्तसप्तमी
18 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
20 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
28 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
29 जनवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
3 फ़रवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
8 फ़रवरीसोमवारमघाद्वितीया
12 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
14 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
18 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
19 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
24 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
10 मार्चबुधवारहस्तद्वितीया
12 मार्चशुक्रवारस्वातीपंचमी
14 मार्चरविवारअनुराधासप्तमी

अप्रैल

2 मुहूर्त
14 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
25 अप्रैलरविवाररोहिणीतृतीया

मई

9 मुहूर्त
1 मईशनिवारमघादशमी
3 मईसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
6 मईगुरुवारस्वातीपूर्णिमा
7 मईशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
17 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
22 मईशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
23 मईरविवारमृगशिराद्वितीया
28 मईशुक्रवारमघासप्तमी
31 मईसोमवारहस्तदशमी

जून

6 मुहूर्त
2 जूनबुधवारस्वातीत्रयोदशी
4 जूनशुक्रवारअनुराधापूर्णिमा
6 जूनरविवारमूलद्वितीया
14 जूनसोमवाररेवतीदशमी
26 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
27 जूनरविवारहस्तअष्टमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
25 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी
29 नवंबरसोमवाररोहिणीपूर्णिमा

दिसंबर

4 मुहूर्त
1 दिसंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया
6 दिसंबरसोमवारमघासप्तमी
8 दिसंबरबुधवारहस्तदशमी
10 दिसंबरशुक्रवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष