शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1990

1990 की 52 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
17 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
19 जनवरीशुक्रवारस्वातीअष्टमी
22 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
24 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
31 जनवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदापंचमी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
1 फ़रवरीगुरुवाररेवतीषष्ठी
5 फ़रवरीसोमवाररोहिणीदशमी
10 फ़रवरीशनिवारमघाप्रतिपदा
11 फ़रवरीरविवारमघाद्वितीया
14 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
16 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
18 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
22 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
28 फ़रवरीबुधवाररेवतीतृतीया

मार्च

2 मुहूर्त
4 मार्चरविवाररोहिणीअष्टमी
12 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा

अप्रैल

3 मुहूर्त
16 अप्रैलसोमवारमूलषष्ठी
18 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
23 अप्रैलसोमवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

11 मुहूर्त
5 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
6 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
7 मईसोमवारहस्तत्रयोदशी
9 मईबुधवारस्वातीपूर्णिमा
11 मईशुक्रवारअनुराधाद्वितीया
13 मईरविवारमूलतृतीया
16 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
21 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
25 मईशुक्रवाररोहिणीप्रतिपदा
26 मईशनिवारमृगशिराद्वितीया
31 मईगुरुवारमघाअष्टमी

जून

8 मुहूर्त
2 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
3 जूनरविवारहस्तएकादशी
10 जूनरविवारमूलद्वितीया
18 जूनसोमवाररेवतीदशमी
21 जूनगुरुवाररोहिणीत्रयोदशी
27 जूनबुधवारमघापंचमी
29 जूनशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
30 जूनशनिवारहस्तअष्टमी

जुलाई

1 मुहूर्त
2 जुलाईसोमवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

1 मुहूर्त
31 अक्टूबरबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी

नवंबर

8 मुहूर्त
1 नवंबरगुरुवाररेवतीत्रयोदशी
5 नवंबरसोमवाररोहिणीतृतीया
11 नवंबररविवारमघादशमी
14 नवंबरबुधवारहस्तद्वादशी
18 नवंबररविवारअनुराधाप्रतिपदा
23 नवंबरशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
28 नवंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
29 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
2 दिसंबररविवाररोहिणीपूर्णिमा
3 दिसंबरसोमवारमृगशिराप्रतिपदा
8 दिसंबरशनिवारमघासप्तमी
13 दिसंबरगुरुवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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