शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1992

1992 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

7 मुहूर्त
17 जनवरीशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
22 जनवरीबुधवारमघातृतीया
24 जनवरीशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
25 जनवरीशनिवारहस्तषष्ठी
27 जनवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
29 जनवरीबुधवारअनुराधादशमी
31 जनवरीशुक्रवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

5 मुहूर्त
9 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
14 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिराएकादशी
20 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
23 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
27 फ़रवरीगुरुवारमूलदशमी

मार्च

5 मुहूर्त
1 मार्चरविवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
6 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
7 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया
11 मार्चबुधवाररोहिणीसप्तमी
12 मार्चगुरुवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

6 मुहूर्त
15 अप्रैलबुधवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
18 अप्रैलशनिवारस्वातीप्रतिपदा
20 अप्रैलसोमवारअनुराधातृतीया
22 अप्रैलबुधवारमूलपंचमी
24 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
30 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

6 मुहूर्त
10 मईरविवारमघाअष्टमी
13 मईबुधवारहस्तद्वादशी
17 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
22 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
27 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
28 मईगुरुवाररेवतीएकादशी

जून

5 मुहूर्त
7 जूनरविवारमघासप्तमी
10 जूनबुधवारहस्तदशमी
12 जूनशुक्रवारस्वातीद्वादशी
18 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
25 जूनगुरुवाररेवतीदशमी

जुलाई

3 मुहूर्त
4 जुलाईशनिवारमघापंचमी
6 जुलाईसोमवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
9 जुलाईगुरुवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

9 मुहूर्त
7 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
8 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
12 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
13 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
20 नवंबरशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
21 नवंबरशनिवारहस्तद्वादशी
26 नवंबरगुरुवारमूलद्वितीया
27 नवंबरशुक्रवारमूलतृतीया
29 नवंबररविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

4 मुहूर्त
4 दिसंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 दिसंबरशनिवाररेवतीएकादशी
9 दिसंबरबुधवाररोहिणीपूर्णिमा
10 दिसंबरगुरुवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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