शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2049

2049 की 59 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

8 मुहूर्त
15 जनवरीशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
16 जनवरीशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
22 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
24 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
25 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
27 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
29 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
31 जनवरीरविवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

6 मुहूर्त
7 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
12 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
18 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
20 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
25 फ़रवरीगुरुवारअनुराधाअष्टमी
27 फ़रवरीशनिवारमूलदशमी

मार्च

5 मुहूर्त
1 मार्चसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
5 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया
11 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी
12 मार्चशुक्रवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
16 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
19 अप्रैलसोमवारस्वातीद्वितीया
24 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
29 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
30 अप्रैलशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी

मई

7 मुहूर्त
5 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
13 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
14 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
20 मईगुरुवारमूलतृतीया
22 मईशनिवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
26 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
27 मईगुरुवाररेवतीएकादशी

जून

10 मुहूर्त
2 जूनबुधवारमृगशिराद्वितीया
7 जूनसोमवारमघाषष्ठी
9 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
11 जूनशुक्रवारहस्तदशमी
13 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
14 जूनसोमवारअनुराधात्रयोदशी
16 जूनबुधवारमूलप्रतिपदा
18 जूनशुक्रवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
24 जूनगुरुवाररेवतीदशमी
28 जूनसोमवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

4 मुहूर्त
5 जुलाईसोमवारमघापंचमी
7 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
8 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
10 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

9 मुहूर्त
6 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
7 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
11 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
12 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
18 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
20 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
21 नवंबररविवारहस्तएकादशी
27 नवंबरशनिवारमूलद्वितीया
29 नवंबरसोमवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
4 दिसंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 दिसंबररविवाररेवतीएकादशी
9 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
10 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
15 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष