शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2050

2050 की 40 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
15 जनवरीशनिवारहस्तसप्तमी
19 जनवरीबुधवारअनुराधाएकादशी
21 जनवरीशुक्रवारमूलत्रयोदशी
27 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
28 जनवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी

फ़रवरी

6 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
10 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
13 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
17 फ़रवरीगुरुवारमूलदशमी
19 फ़रवरीशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
24 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदातृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
9 मार्चबुधवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
10 मार्चगुरुवारहस्तद्वितीया
11 मार्चशुक्रवारहस्ततृतीया
13 मार्चरविवारस्वातीपंचमी

अप्रैल

2 मुहूर्त
15 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
24 अप्रैलरविवाररोहिणीतृतीया

मई

9 मुहूर्त
1 मईरविवारमघादशमी
4 मईबुधवारहस्तत्रयोदशी
6 मईशुक्रवारस्वातीपूर्णिमा
8 मईरविवारअनुराधाद्वितीया
12 मईगुरुवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
18 मईबुधवाररेवतीद्वादशी
22 मईरविवाररोहिणीद्वितीया
23 मईसोमवारमृगशिरातृतीया
28 मईशनिवारमघासप्तमी

जून

7 मुहूर्त
1 जूनबुधवारहस्तएकादशी
3 जूनशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी
5 जूनरविवारअनुराधापूर्णिमा
24 जूनशुक्रवारमघापंचमी
25 जूनशनिवारमघाषष्ठी
27 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
30 जूनगुरुवारस्वातीदशमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
25 नवंबरशुक्रवाररेवतीद्वादशी
30 नवंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया

दिसंबर

5 मुहूर्त
5 दिसंबरसोमवारमघासप्तमी
8 दिसंबरगुरुवारहस्तदशमी
9 दिसंबरशुक्रवारहस्तएकादशी
11 दिसंबररविवारस्वातीद्वादशी
15 दिसंबरगुरुवारमूलप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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