जनवरी
5 मुहूर्त| 18 जनवरी | बुधवार | रेवती | सप्तमी |
| 22 जनवरी | रविवार | मृगशिरा | द्वादशी |
| 27 जनवरी | शुक्रवार | मघा | तृतीया |
| 29 जनवरी | रविवार | उत्तर फाल्गुनी | पंचमी |
| 30 जनवरी | सोमवार | हस्त | षष्ठी |
फ़रवरी
7 मुहूर्त| 1 फ़रवरी | बुधवार | स्वाती | अष्टमी |
| 3 फ़रवरी | शुक्रवार | अनुराधा | दशमी |
| 5 फ़रवरी | रविवार | मूल | एकादशी |
| 19 फ़रवरी | रविवार | मृगशिरा | दशमी |
| 23 फ़रवरी | गुरुवार | मघा | पूर्णिमा |
| 25 फ़रवरी | शनिवार | उत्तर फाल्गुनी | द्वितीया |
| 26 फ़रवरी | रविवार | हस्त | तृतीया |
मार्च
5 मुहूर्त| 2 मार्च | गुरुवार | अनुराधा | सप्तमी |
| 3 मार्च | शुक्रवार | अनुराधा | अष्टमी |
| 5 मार्च | रविवार | मूल | दशमी |
| 12 मार्च | रविवार | उत्तर भाद्रपदा | प्रतिपदा |
| 13 मार्च | सोमवार | रेवती | द्वितीया |
अप्रैल
5 मुहूर्त| 19 अप्रैल | बुधवार | मघा | एकादशी |
| 21 अप्रैल | शुक्रवार | उत्तर फाल्गुनी | त्रयोदशी |
| 24 अप्रैल | सोमवार | स्वाती | प्रतिपदा |
| 26 अप्रैल | बुधवार | अनुराधा | तृतीया |
| 28 अप्रैल | शुक्रवार | मूल | पंचमी |
मई
10 मुहूर्त| 1 मई | सोमवार | उत्तर आषाढ़ा | सप्तमी |
| 6 मई | शनिवार | उत्तर भाद्रपदा | द्वादशी |
| 7 मई | रविवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 11 मई | गुरुवार | रोहिणी | तृतीया |
| 18 मई | गुरुवार | उत्तर फाल्गुनी | दशमी |
| 19 मई | शुक्रवार | हस्त | एकादशी |
| 21 मई | रविवार | स्वाती | त्रयोदशी |
| 24 मई | बुधवार | अनुराधा | प्रतिपदा |
| 26 मई | शुक्रवार | मूल | तृतीया |
| 28 मई | रविवार | उत्तर आषाढ़ा | पंचमी |
जून
7 मुहूर्त| 3 जून | शनिवार | रेवती | एकादशी |
| 8 जून | गुरुवार | मृगशिरा | प्रतिपदा |
| 14 जून | बुधवार | उत्तर फाल्गुनी | अष्टमी |
| 18 जून | रविवार | स्वाती | द्वादशी |
| 22 जून | गुरुवार | मूल | प्रतिपदा |
| 24 जून | शनिवार | उत्तर आषाढ़ा | द्वितीया |
| 30 जून | शुक्रवार | उत्तर भाद्रपदा | अष्टमी |
जुलाई
3 मुहूर्त| 5 जुलाई | बुधवार | मृगशिरा | त्रयोदशी |
| 12 जुलाई | बुधवार | उत्तर फाल्गुनी | षष्ठी |
| 13 जुलाई | गुरुवार | हस्त | सप्तमी |
अगस्त
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
सितंबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
अक्टूबर
कोई मुहूर्त नहींइस मास में विवाह वर्जित है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं
- सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
- तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
- वार मंगलवार न हो।
- दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
- सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।
प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।