शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2063

2063 की 53 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
17 जनवरीबुधवारमघातृतीया
19 जनवरीशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
20 जनवरीशनिवारहस्तषष्ठी
24 जनवरीबुधवारअनुराधादशमी
26 जनवरीशुक्रवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

10 मुहूर्त
3 फ़रवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
4 फ़रवरीरविवाररेवतीषष्ठी
8 फ़रवरीगुरुवाररोहिणीदशमी
9 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिराएकादशी
14 फ़रवरीबुधवारमघाप्रतिपदा
15 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
18 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
22 फ़रवरीगुरुवारमूलदशमी
23 फ़रवरीशुक्रवारमूलएकादशी
25 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
3 मार्चशनिवाररेवतीतृतीया
8 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी
15 मार्चगुरुवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा

अप्रैल

3 मुहूर्त
18 अप्रैलबुधवारमूलषष्ठी
20 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
26 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

7 मुहूर्त
9 मईबुधवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
10 मईगुरुवारहस्तत्रयोदशी
12 मईशनिवारस्वातीपूर्णिमा
14 मईसोमवारअनुराधाद्वितीया
18 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
23 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
24 मईगुरुवाररेवतीएकादशी

जून

6 मुहूर्त
3 जूनरविवारमघासप्तमी
6 जूनबुधवारहस्तदशमी
8 जूनशुक्रवारस्वातीद्वादशी
14 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
21 जूनगुरुवाररेवतीदशमी
30 जूनशनिवारमघापंचमी

जुलाई

2 मुहूर्त
2 जुलाईसोमवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
5 जुलाईगुरुवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

10 मुहूर्त
3 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
4 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
8 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
9 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
16 नवंबरशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 नवंबरशनिवारहस्तद्वादशी
21 नवंबरबुधवारअनुराधाप्रतिपदा
23 नवंबरशुक्रवारमूलतृतीया
25 नवंबररविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
30 नवंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी

दिसंबर

6 मुहूर्त
1 दिसंबरशनिवाररेवतीएकादशी
2 दिसंबररविवाररेवतीद्वादशी
6 दिसंबरगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
7 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
13 दिसंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
16 दिसंबररविवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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