शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2075

2075 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
17 जनवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाप्रतिपदा
23 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी
27 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
28 जनवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
3 फ़रवरीरविवारमघाद्वितीया
6 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
8 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी
10 फ़रवरीरविवारअनुराधादशमी
11 फ़रवरीसोमवारमूलएकादशी
13 फ़रवरीबुधवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
18 फ़रवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
23 फ़रवरीशनिवाररोहिणीअष्टमी
25 फ़रवरीसोमवारमृगशिरादशमी

मार्च

5 मुहूर्त
2 मार्चशनिवारमघापूर्णिमा
4 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
7 मार्चगुरुवारस्वातीपंचमी
9 मार्चशनिवारअनुराधासप्तमी
13 मार्चबुधवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी

अप्रैल

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

मई

12 मुहूर्त
1 मईबुधवारस्वातीप्रतिपदा
2 मईगुरुवारअनुराधाद्वितीया
6 मईसोमवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
11 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
12 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
16 मईगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
17 मईशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
18 मईशनिवारमृगशिरातृतीया
23 मईगुरुवारमघाअष्टमी
25 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
26 मईरविवारहस्तएकादशी
30 मईगुरुवारअनुराधापूर्णिमा

जून

8 मुहूर्त
1 जूनशनिवारमूलतृतीया
8 जूनशनिवाररेवतीदशमी
14 जूनशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
19 जूनबुधवारमघापंचमी
22 जूनशनिवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
26 जूनबुधवारअनुराधात्रयोदशी
28 जूनशुक्रवारमूलपूर्णिमा
30 जूनरविवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

5 मुहूर्त
5 जुलाईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
10 जुलाईबुधवाररोहिणीत्रयोदशी
11 जुलाईगुरुवारमृगशिरात्रयोदशी
19 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
20 जुलाईशनिवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

4 मुहूर्त
23 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
24 नवंबररविवाररोहिणीद्वितीया
25 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
30 नवंबरशनिवारमघासप्तमी

दिसंबर

3 मुहूर्त
5 दिसंबरगुरुवारस्वातीद्वादशी
9 दिसंबरसोमवारमूलद्वितीया
15 दिसंबररविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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