शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2072

2072 की 42 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
16 जनवरीशनिवारअनुराधाद्वादशी
18 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी
27 जनवरीबुधवाररेवतीसप्तमी
31 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
1 फ़रवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
5 फ़रवरीशुक्रवारमघाप्रतिपदा
8 फ़रवरीसोमवारहस्तपंचमी
10 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
14 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
22 फ़रवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
27 फ़रवरीशनिवाररोहिणीअष्टमी

मार्च

4 मुहूर्त
4 मार्चशुक्रवारमघापूर्णिमा
6 मार्चरविवारहस्तद्वितीया
10 मार्चगुरुवारअनुराधाषष्ठी
12 मार्चशनिवारमूलअष्टमी

अप्रैल

4 मुहूर्त
16 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
23 अप्रैलशनिवारमृगशिरापंचमी
29 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
30 अप्रैलशनिवारहस्तत्रयोदशी

मई

10 मुहूर्त
2 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
4 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
8 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
14 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
15 मईरविवाररेवतीद्वादशी
19 मईगुरुवाररोहिणीद्वितीया
20 मईशुक्रवारमृगशिरातृतीया
25 मईबुधवारमघाअष्टमी
27 मईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 मईशनिवारहस्तएकादशी

जून

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

जुलाई

7 मुहूर्त
2 जुलाईशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
8 जुलाईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
9 जुलाईशनिवाररेवतीअष्टमी
13 जुलाईबुधवाररोहिणीद्वादशी
18 जुलाईसोमवारमघातृतीया
20 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
21 जुलाईगुरुवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
26 नवंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
27 नवंबररविवारमृगशिराद्वितीया

दिसंबर

4 मुहूर्त
2 दिसंबरशुक्रवारमघासप्तमी
5 दिसंबरसोमवारहस्तदशमी
7 दिसंबरबुधवारस्वातीत्रयोदशी
11 दिसंबररविवारमूलद्वितीया

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष