शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2070

2070 की 49 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
18 जनवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
19 जनवरीरविवाररेवतीसप्तमी
23 जनवरीगुरुवाररोहिणीद्वादशी
24 जनवरीशुक्रवारमृगशिरात्रयोदशी
31 जनवरीशुक्रवारहस्तपंचमी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
3 फ़रवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
5 फ़रवरीबुधवारअनुराधादशमी
7 फ़रवरीशुक्रवारमूलएकादशी
9 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
15 फ़रवरीशनिवाररेवतीपंचमी
20 फ़रवरीगुरुवारमृगशिरादशमी
27 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
28 फ़रवरीशुक्रवारहस्ततृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
2 मार्चरविवारस्वातीपंचमी
9 मार्चरविवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
14 मार्चशुक्रवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

5 मुहूर्त
20 अप्रैलरविवारमघादशमी
23 अप्रैलबुधवारहस्तत्रयोदशी
26 अप्रैलशनिवारस्वातीप्रतिपदा
28 अप्रैलसोमवारअनुराधातृतीया
30 अप्रैलबुधवारमूलपंचमी

मई

8 मुहूर्त
2 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
7 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
8 मईगुरुवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईसोमवाररोहिणीद्वितीया
17 मईशनिवारमघाअष्टमी
21 मईबुधवारहस्तद्वादशी
25 मईरविवारअनुराधापूर्णिमा
30 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

8 मुहूर्त
4 जूनबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 जूनगुरुवाररेवतीएकादशी
9 जूनसोमवारमृगशिराप्रतिपदा
14 जूनशनिवारमघाषष्ठी
16 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
19 जूनगुरुवारस्वातीएकादशी
21 जूनशनिवारअनुराधात्रयोदशी
26 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया

जुलाई

3 मुहूर्त
6 जुलाईरविवाररोहिणीत्रयोदशी
13 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
14 जुलाईसोमवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
15 नवंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
16 नवंबररविवाररेवतीत्रयोदशी
19 नवंबरबुधवाररोहिणीप्रतिपदा
20 नवंबरगुरुवारमृगशिरातृतीया
27 नवंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 नवंबरशुक्रवारहस्तएकादशी
30 नवंबररविवारस्वातीत्रयोदशी

दिसंबर

2 मुहूर्त
4 दिसंबरगुरुवारमूलद्वितीया
13 दिसंबरशनिवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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