शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2071

2071 की 47 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
18 जनवरीरविवारमघातृतीया
21 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
23 जनवरीशुक्रवारस्वातीअष्टमी
26 जनवरीसोमवारअनुराधाएकादशी
28 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
5 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
6 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी
15 फ़रवरीरविवारमघाप्रतिपदा
20 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी
22 फ़रवरीरविवारअनुराधाअष्टमी
26 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
27 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
9 मार्चसोमवाररोहिणीअष्टमी
14 मार्चशनिवारमघात्रयोदशी

अप्रैल

3 मुहूर्त
16 अप्रैलगुरुवारस्वातीद्वितीया
20 अप्रैलसोमवारमूलषष्ठी
22 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी

मई

9 मुहूर्त
2 मईशनिवाररोहिणीतृतीया
10 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
11 मईसोमवारहस्तद्वादशी
15 मईशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
17 मईरविवारमूलतृतीया
20 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
25 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
30 मईशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
31 मईरविवारमृगशिराद्वितीया

जून

6 मुहूर्त
4 जूनगुरुवारमघासप्तमी
7 जूनरविवारहस्तदशमी
13 जूनशनिवारमूलप्रतिपदा
14 जूनरविवारमूलद्वितीया
21 जूनरविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
26 जूनशुक्रवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

3 मुहूर्त
3 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
4 जुलाईशनिवारहस्तअष्टमी
6 जुलाईसोमवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
5 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
15 नवंबररविवारमघाअष्टमी
18 नवंबरबुधवारहस्तद्वादशी
22 नवंबररविवारअनुराधाप्रतिपदा
26 नवंबरगुरुवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
27 नवंबरशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
2 दिसंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
3 दिसंबरगुरुवाररेवतीएकादशी
7 दिसंबरसोमवाररोहिणीपूर्णिमा
12 दिसंबरशनिवारमघाषष्ठी
14 दिसंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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