शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2067

2067 की 47 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
16 जनवरीरविवारउत्तर आषाढ़ाप्रतिपदा
20 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
21 जनवरीशुक्रवाररेवतीसप्तमी
26 जनवरीबुधवारमृगशिराद्वादशी
27 जनवरीगुरुवारमृगशिराद्वादशी

फ़रवरी

6 मुहूर्त
4 फ़रवरीशुक्रवारहस्तपंचमी
6 फ़रवरीरविवारस्वातीसप्तमी
10 फ़रवरीगुरुवारमूलएकादशी
12 फ़रवरीशनिवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
18 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीपंचमी
23 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी

मार्च

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अप्रैल

4 मुहूर्त
18 अप्रैलसोमवारमृगशिरापंचमी
24 अप्रैलरविवारमघादशमी
27 अप्रैलबुधवारहस्तत्रयोदशी
29 अप्रैलशुक्रवारस्वातीपूर्णिमा

मई

9 मुहूर्त
1 मईरविवारअनुराधाद्वितीया
5 मईगुरुवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
11 मईबुधवाररेवतीत्रयोदशी
15 मईरविवाररोहिणीद्वितीया
16 मईसोमवारमृगशिरातृतीया
21 मईशनिवारमघाअष्टमी
25 मईबुधवारहस्तएकादशी
29 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
30 मईसोमवारमूलद्वितीया

जून

8 मुहूर्त
6 जूनसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
12 जूनरविवारमृगशिराप्रतिपदा
18 जूनशनिवारमघाषष्ठी
20 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
23 जूनगुरुवारस्वातीएकादशी
25 जूनशनिवारअनुराधात्रयोदशी
27 जूनसोमवारमूलपूर्णिमा
29 जूनबुधवारउत्तर आषाढ़ातृतीया

जुलाई

7 मुहूर्त
3 जुलाईरविवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
4 जुलाईसोमवाररेवतीअष्टमी
8 जुलाईशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
9 जुलाईशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
17 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
18 जुलाईसोमवारहस्तषष्ठी
20 जुलाईबुधवारस्वातीअष्टमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

3 मुहूर्त
18 नवंबरशुक्रवाररेवतीद्वादशी
23 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
28 नवंबरसोमवारमघासप्तमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
1 दिसंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
2 दिसंबरशुक्रवारहस्तएकादशी
4 दिसंबररविवारस्वातीत्रयोदशी
8 दिसंबरगुरुवारमूलद्वितीया
15 दिसंबरगुरुवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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