शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2079

2079 की 54 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

7 मुहूर्त
15 जनवरीरविवारमृगशिरात्रयोदशी
20 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
22 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
23 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
25 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
27 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
30 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
6 फ़रवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
11 फ़रवरीशनिवाररोहिणीदशमी
16 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
18 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
22 फ़रवरीबुधवारस्वातीषष्ठी
24 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधाअष्टमी
26 फ़रवरीरविवारमूलदशमी

मार्च

3 मुहूर्त
5 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 मार्चसोमवाररेवतीतृतीया
10 मार्चशुक्रवाररोहिणीअष्टमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
17 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
19 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
22 अप्रैलशनिवारमूलषष्ठी
24 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
29 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

10 मुहूर्त
4 मईगुरुवारमृगशिरातृतीया
11 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
12 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
15 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
17 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
19 मईशुक्रवारमूलतृतीया
21 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
26 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
27 मईशनिवाररेवतीएकादशी
31 मईबुधवाररोहिणीप्रतिपदा

जून

7 मुहूर्त
1 जूनगुरुवारमृगशिराद्वितीया
5 जूनसोमवारमघाषष्ठी
9 जूनशुक्रवारहस्तदशमी
11 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
15 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
17 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
24 जूनशनिवाररेवतीदशमी

जुलाई

4 मुहूर्त
3 जुलाईसोमवारमघापंचमी
5 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
6 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
8 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
6 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
11 नवंबरशनिवाररोहिणीतृतीया
16 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
18 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
19 नवंबररविवारहस्तएकादशी
24 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
26 नवंबररविवारमूलतृतीया

दिसंबर

4 मुहूर्त
4 दिसंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
8 दिसंबरशुक्रवाररोहिणीपूर्णिमा
9 दिसंबरशनिवारमृगशिराप्रतिपदा
14 दिसंबरगुरुवारमघासप्तमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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