शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2081

2081 की 51 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

7 मुहूर्त
16 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
17 जनवरीशुक्रवाररेवतीसप्तमी
22 जनवरीबुधवारमृगशिराद्वादशी
27 जनवरीसोमवारमघातृतीया
29 जनवरीबुधवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
30 जनवरीगुरुवारहस्तषष्ठी
31 जनवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
3 फ़रवरीसोमवारअनुराधादशमी
5 फ़रवरीबुधवारमूलद्वादशी
12 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
14 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीपंचमी
19 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी
23 फ़रवरीरविवारमघापूर्णिमा
26 फ़रवरीबुधवारहस्ततृतीया
28 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीषष्ठी

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चरविवारअनुराधाअष्टमी
6 मार्चगुरुवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी
12 मार्चबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
13 मार्चगुरुवाररेवतीतृतीया

अप्रैल

6 मुहूर्त
19 अप्रैलशनिवारमघाएकादशी
21 अप्रैलसोमवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
24 अप्रैलगुरुवारस्वातीप्रतिपदा
26 अप्रैलशनिवारअनुराधातृतीया
28 अप्रैलसोमवारमूलपंचमी
30 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

7 मुहूर्त
5 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
11 मईरविवाररोहिणीतृतीया
16 मईशुक्रवारमघाअष्टमी
18 मईरविवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
19 मईसोमवारहस्तएकादशी
23 मईशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
25 मईरविवारमूलतृतीया

जून

7 मुहूर्त
2 जूनसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
8 जूनरविवारमृगशिराप्रतिपदा
13 जूनशुक्रवारमघासप्तमी
19 जूनगुरुवारअनुराधात्रयोदशी
21 जूनशनिवारमूलपूर्णिमा
23 जूनसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
29 जूनरविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

3 मुहूर्त
4 जुलाईशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
12 जुलाईशनिवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
13 जुलाईरविवारहस्तअष्टमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
13 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
14 नवंबरशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
19 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
24 नवंबरसोमवारमघाअष्टमी
26 नवंबरबुधवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
27 नवंबरगुरुवारहस्तद्वादशी
28 नवंबरशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी

दिसंबर

2 मुहूर्त
10 दिसंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
11 दिसंबरगुरुवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष