शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1910

1910 की 51 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
17 जनवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
21 जनवरीशुक्रवाररोहिणीएकादशी
22 जनवरीशनिवारमृगशिराद्वादशी
27 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
30 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
31 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
6 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
14 फ़रवरीसोमवाररेवतीपंचमी
19 फ़रवरीशनिवारमृगशिरादशमी
24 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
26 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
27 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
3 मार्चगुरुवारअनुराधासप्तमी
6 मार्चरविवारमूलदशमी
12 मार्चशनिवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
13 मार्चरविवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

6 मुहूर्त
14 अप्रैलगुरुवारमृगशिरापंचमी
21 अप्रैलगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
22 अप्रैलशुक्रवारहस्तत्रयोदशी
25 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
27 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
29 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी

मई

11 मुहूर्त
1 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
6 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
7 मईशनिवाररेवतीत्रयोदशी
11 मईबुधवाररोहिणीतृतीया
16 मईसोमवारमघाअष्टमी
19 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
20 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
22 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी
26 मईगुरुवारमूलद्वितीया
27 मईशुक्रवारमूलतृतीया
29 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

8 मुहूर्त
3 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
8 जूनबुधवारमृगशिराप्रतिपदा
13 जूनसोमवारमघाषष्ठी
15 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
18 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
23 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
25 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
30 जूनगुरुवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

1 मुहूर्त
13 जुलाईबुधवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
14 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
18 नवंबरशुक्रवाररोहिणीद्वितीया
19 नवंबरशनिवारमृगशिरातृतीया
24 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
26 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
27 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

2 मुहूर्त
4 दिसंबररविवारमूलद्वितीया
12 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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