शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1908

1908 की 47 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

7 मुहूर्त
15 जनवरीबुधवाररोहिणीद्वादशी
16 जनवरीगुरुवारमृगशिरात्रयोदशी
23 जनवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
24 जनवरीशुक्रवारहस्तपंचमी
25 जनवरीशनिवारहस्तषष्ठी
27 जनवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
29 जनवरीबुधवारअनुराधाएकादशी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
6 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
7 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी
12 फ़रवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
17 फ़रवरीसोमवारमघापूर्णिमा
20 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
23 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
27 फ़रवरीगुरुवारमूलदशमी
29 फ़रवरीशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
5 मार्चगुरुवाररेवतीतृतीया
9 मार्चसोमवाररोहिणीसप्तमी

अप्रैल

3 मुहूर्त
17 अप्रैलशुक्रवारस्वातीप्रतिपदा
19 अप्रैलरविवारअनुराधातृतीया
23 अप्रैलगुरुवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

6 मुहूर्त
3 मईरविवाररोहिणीतृतीया
9 मईशनिवारमघाअष्टमी
13 मईबुधवारहस्तद्वादशी
17 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
25 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
31 मईरविवारमृगशिराप्रतिपदा

जून

6 मुहूर्त
6 जूनशनिवारमघासप्तमी
11 जूनगुरुवारस्वातीद्वादशी
15 जूनसोमवारमूलप्रतिपदा
17 जूनबुधवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
21 जूनरविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
26 जूनशुक्रवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

3 मुहूर्त
5 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
6 जुलाईसोमवारहस्तसप्तमी
9 जुलाईगुरुवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
5 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
6 नवंबरशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
11 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
16 नवंबरसोमवारमघाअष्टमी
19 नवंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
20 नवंबरशुक्रवारहस्तद्वादशी
26 नवंबरगुरुवारमूलतृतीया
28 नवंबरशनिवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

3 मुहूर्त
3 दिसंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदादशमी
7 दिसंबरसोमवाररोहिणीपूर्णिमा
14 दिसंबरसोमवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष