शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1912

1912 की 38 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
15 जनवरीसोमवारअनुराधाद्वादशी
17 जनवरीबुधवारमूलत्रयोदशी
25 जनवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
26 जनवरीशुक्रवाररेवतीसप्तमी
31 जनवरीबुधवारमृगशिराद्वादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
4 फ़रवरीरविवारमघाद्वितीया
7 फ़रवरीबुधवारहस्तपंचमी
9 फ़रवरीशुक्रवारस्वातीसप्तमी
15 फ़रवरीगुरुवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
16 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
21 फ़रवरीबुधवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
26 फ़रवरीसोमवाररोहिणीअष्टमी

मार्च

2 मुहूर्त
4 मार्चसोमवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
9 मार्चशनिवारअनुराधाषष्ठी

अप्रैल

3 मुहूर्त
26 अप्रैलशुक्रवारमघादशमी
28 अप्रैलरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
29 अप्रैलसोमवारहस्तत्रयोदशी

मई

9 मुहूर्त
1 मईबुधवारस्वातीपूर्णिमा
3 मईशुक्रवारअनुराधाद्वितीया
8 मईबुधवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
13 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
18 मईशनिवाररोहिणीद्वितीया
19 मईरविवारमृगशिरातृतीया
23 मईगुरुवारमघासप्तमी
26 मईरविवारहस्तएकादशी
30 मईगुरुवारअनुराधापूर्णिमा

जून

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

जुलाई

7 मुहूर्त
1 जुलाईसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया
7 जुलाईरविवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी
8 जुलाईसोमवाररेवतीअष्टमी
12 जुलाईशुक्रवाररोहिणीत्रयोदशी
17 जुलाईबुधवारमघातृतीया
19 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
20 जुलाईशनिवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
21 नवंबरगुरुवाररेवतीद्वादशी
25 नवंबरसोमवाररोहिणीप्रतिपदा

दिसंबर

3 मुहूर्त
1 दिसंबररविवारमघाअष्टमी
4 दिसंबरबुधवारहस्तएकादशी
6 दिसंबरशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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