शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1920

1920 की 39 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
16 जनवरीशुक्रवारअनुराधाएकादशी
19 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी
26 जनवरीसोमवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
31 जनवरीशनिवाररोहिणीएकादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
1 फ़रवरीरविवारमृगशिराद्वादशी
5 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
7 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
11 फ़रवरीबुधवारस्वातीसप्तमी
15 फ़रवरीरविवारमूलएकादशी
22 फ़रवरीरविवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
27 फ़रवरीशुक्रवाररोहिणीअष्टमी

मार्च

5 मुहूर्त
4 मार्चगुरुवारमघापूर्णिमा
6 मार्चशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
7 मार्चरविवारहस्ततृतीया
11 मार्चगुरुवारअनुराधाषष्ठी
13 मार्चशनिवारमूलअष्टमी

अप्रैल

4 मुहूर्त
17 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
23 अप्रैलशुक्रवारमृगशिरापंचमी
29 अप्रैलगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
30 अप्रैलशुक्रवारहस्तत्रयोदशी

मई

9 मुहूर्त
3 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
5 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
9 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
15 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
19 मईबुधवाररोहिणीप्रतिपदा
20 मईगुरुवारमृगशिरातृतीया
27 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
28 मईशुक्रवारहस्तएकादशी
30 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी

जून

5 मुहूर्त
3 जूनगुरुवारमूलद्वितीया
5 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
12 जूनशनिवाररेवतीदशमी
21 जूनसोमवारमघाषष्ठी
23 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी

जुलाई

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

2 मुहूर्त
26 नवंबरशुक्रवाररोहिणीपूर्णिमा
27 नवंबरशनिवारमृगशिराद्वितीया

दिसंबर

3 मुहूर्त
2 दिसंबरगुरुवारमघासप्तमी
5 दिसंबररविवारहस्तदशमी
11 दिसंबरशनिवारमूलप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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