शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1918

1918 की 54 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

4 मुहूर्त
18 जनवरीशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
19 जनवरीशनिवाररेवतीसप्तमी
23 जनवरीबुधवाररोहिणीद्वादशी
24 जनवरीगुरुवारमृगशिरात्रयोदशी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
1 फ़रवरीशुक्रवारहस्तपंचमी
4 फ़रवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
6 फ़रवरीबुधवारअनुराधादशमी
8 फ़रवरीशुक्रवारमूलद्वादशी
15 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीपंचमी
20 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी
25 फ़रवरीसोमवारमघापूर्णिमा
27 फ़रवरीबुधवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
28 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया

मार्च

4 मुहूर्त
1 मार्चशुक्रवारहस्ततृतीया
3 मार्चरविवारस्वातीपंचमी
9 मार्चशनिवारउत्तर आषाढ़ाएकादशी
14 मार्चगुरुवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

5 मुहूर्त
15 अप्रैलसोमवाररोहिणीपंचमी
21 अप्रैलरविवारमघाएकादशी
24 अप्रैलबुधवारहस्तत्रयोदशी
26 अप्रैलशुक्रवारस्वातीपूर्णिमा
29 अप्रैलसोमवारअनुराधातृतीया

मई

10 मुहूर्त
1 मईबुधवारमूलपंचमी
3 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
8 मईबुधवाररेवतीत्रयोदशी
12 मईरविवाररोहिणीद्वितीया
13 मईसोमवारमृगशिरातृतीया
18 मईशनिवारमघाअष्टमी
20 मईसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
22 मईबुधवारहस्तद्वादशी
26 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
30 मईगुरुवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

9 मुहूर्त
5 जूनबुधवाररेवतीएकादशी
9 जूनरविवारमृगशिराप्रतिपदा
14 जूनशुक्रवारमघाषष्ठी
15 जूनशनिवारमघासप्तमी
17 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
20 जूनगुरुवारस्वातीएकादशी
22 जूनशनिवारअनुराधात्रयोदशी
24 जूनसोमवारमूलपूर्णिमा
26 जूनबुधवारउत्तर आषाढ़ाद्वितीया

जुलाई

4 मुहूर्त
1 जुलाईसोमवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
6 जुलाईशनिवाररोहिणीत्रयोदशी
14 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
15 जुलाईसोमवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
15 नवंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
16 नवंबरशनिवाररेवतीत्रयोदशी
20 नवंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया
25 नवंबरसोमवारमघाअष्टमी
28 नवंबरगुरुवारहस्तदशमी
29 नवंबरशुक्रवारहस्तएकादशी

दिसंबर

3 मुहूर्त
1 दिसंबररविवारस्वातीत्रयोदशी
5 दिसंबरगुरुवारमूलद्वितीया
13 दिसंबरशुक्रवाररेवतीदशमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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