शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1916

1916 की 55 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
16 जनवरीरविवाररोहिणीद्वादशी
17 जनवरीसोमवारमृगशिरात्रयोदशी
23 जनवरीरविवारमघातृतीया
26 जनवरीबुधवारहस्तषष्ठी
28 जनवरीशुक्रवारस्वातीअष्टमी
30 जनवरीरविवारअनुराधादशमी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
13 फ़रवरीरविवारमृगशिरादशमी
14 फ़रवरीसोमवारमृगशिराएकादशी
19 फ़रवरीशनिवारमघापूर्णिमा
21 फ़रवरीसोमवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
24 फ़रवरीगुरुवारस्वातीपंचमी
26 फ़रवरीशनिवारअनुराधाअष्टमी
28 फ़रवरीसोमवारमूलदशमी

मार्च

4 मुहूर्त
1 मार्चबुधवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
6 मार्चसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
11 मार्चशनिवाररोहिणीसप्तमी
12 मार्चरविवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

6 मुहूर्त
14 अप्रैलशुक्रवारमघाएकादशी
16 अप्रैलरविवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
19 अप्रैलबुधवारस्वातीप्रतिपदा
24 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
29 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
30 अप्रैलरविवाररेवतीत्रयोदशी

मई

10 मुहूर्त
4 मईगुरुवाररोहिणीद्वितीया
5 मईशुक्रवाररोहिणीतृतीया
13 मईशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
14 मईरविवारहस्तद्वादशी
18 मईगुरुवारअनुराधाप्रतिपदा
20 मईशनिवारमूलतृतीया
22 मईसोमवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
26 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
27 मईशनिवाररेवतीएकादशी
28 मईरविवाररेवतीद्वादशी

जून

9 मुहूर्त
1 जूनगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
2 जूनशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
7 जूनबुधवारमघाषष्ठी
8 जूनगुरुवारमघासप्तमी
11 जूनरविवारहस्तदशमी
16 जूनशुक्रवारमूलप्रतिपदा
18 जूनरविवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
23 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
28 जूनबुधवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

4 मुहूर्त
5 जुलाईबुधवारमघापंचमी
7 जुलाईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
8 जुलाईशनिवारहस्तसप्तमी
10 जुलाईसोमवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
12 नवंबररविवाररोहिणीतृतीया
18 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
20 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
23 नवंबरगुरुवारस्वातीत्रयोदशी
27 नवंबरसोमवारमूलद्वितीया
29 नवंबरबुधवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

3 मुहूर्त
4 दिसंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदादशमी
9 दिसंबरशनिवाररोहिणीपूर्णिमा
10 दिसंबररविवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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