शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2011

2011 की 53 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
16 जनवरीरविवाररोहिणीएकादशी
17 जनवरीसोमवारमृगशिराद्वादशी
22 जनवरीशनिवारमघातृतीया
24 जनवरीसोमवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
29 जनवरीशनिवारअनुराधाएकादशी
31 जनवरीसोमवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
13 फ़रवरीरविवाररोहिणीदशमी
14 फ़रवरीसोमवारमृगशिराएकादशी
18 फ़रवरीशुक्रवारमघापूर्णिमा
20 फ़रवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
23 फ़रवरीबुधवारस्वातीषष्ठी
25 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधाअष्टमी
27 फ़रवरीरविवारमूलदशमी

मार्च

4 मुहूर्त
6 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
7 मार्चसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
12 मार्चशनिवाररोहिणीसप्तमी
13 मार्चरविवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

4 मुहूर्त
16 अप्रैलशनिवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
22 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी
25 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
30 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी

मई

9 मुहूर्त
1 मईरविवाररेवतीत्रयोदशी
6 मईशुक्रवाररोहिणीतृतीया
14 मईशनिवारहस्तएकादशी
18 मईबुधवारअनुराधाप्रतिपदा
20 मईशुक्रवारमूलतृतीया
22 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
27 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
28 मईशनिवाररेवतीएकादशी
29 मईरविवाररेवतीद्वादशी

जून

9 मुहूर्त
2 जूनगुरुवाररोहिणीप्रतिपदा
3 जूनशुक्रवारमृगशिराद्वितीया
8 जूनबुधवारमघासप्तमी
11 जूनशनिवारहस्तदशमी
13 जूनसोमवारस्वातीद्वादशी
16 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
18 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
24 जूनशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
29 जूनबुधवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

3 मुहूर्त
7 जुलाईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
8 जुलाईशुक्रवारहस्तअष्टमी
10 जुलाईरविवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
7 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
13 नवंबररविवाररोहिणीतृतीया
14 नवंबरसोमवारमृगशिरातृतीया
19 नवंबरशनिवारमघाअष्टमी
21 नवंबरसोमवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
27 नवंबररविवारमूलतृतीया

दिसंबर

5 मुहूर्त
4 दिसंबररविवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी
10 दिसंबरशनिवाररोहिणीपूर्णिमा
11 दिसंबररविवारमृगशिराप्रतिपदा
16 दिसंबरशुक्रवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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