शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2008

2008 की 58 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
19 जनवरीशनिवाररोहिणीद्वादशी
20 जनवरीरविवारमृगशिरात्रयोदशी
25 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
27 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
28 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
30 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी

फ़रवरी

8 मुहूर्त
1 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
3 फ़रवरीरविवारमूलद्वादशी
11 फ़रवरीसोमवाररेवतीपंचमी
16 फ़रवरीशनिवारमृगशिरादशमी
21 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
23 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
24 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया
29 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधाअष्टमी

मार्च

5 मुहूर्त
2 मार्चरविवारमूलदशमी
9 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
10 मार्चसोमवाररेवतीतृतीया
13 मार्चगुरुवाररोहिणीषष्ठी
14 मार्चशुक्रवारमृगशिराअष्टमी

अप्रैल

7 मुहूर्त
16 अप्रैलबुधवारमघाएकादशी
18 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
21 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
23 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
25 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी
26 अप्रैलशनिवारमूलषष्ठी
28 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

10 मुहूर्त
3 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
7 मईबुधवाररोहिणीद्वितीया
8 मईगुरुवारमृगशिरातृतीया
15 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
16 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
21 मईबुधवारअनुराधाप्रतिपदा
23 मईशुक्रवारमूलतृतीया
25 मईरविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
30 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
31 मईशनिवाररेवतीएकादशी

जून

8 मुहूर्त
4 जूनबुधवाररोहिणीप्रतिपदा
9 जूनसोमवारमघाषष्ठी
11 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
14 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
15 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
19 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
21 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
26 जूनगुरुवारउत्तर भाद्रपदासप्तमी

जुलाई

4 मुहूर्त
7 जुलाईसोमवारमघापंचमी
9 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
10 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
12 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
10 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
15 नवंबरशनिवारमृगशिरातृतीया
20 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
22 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
23 नवंबररविवारहस्तएकादशी
28 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
30 नवंबररविवारमूलतृतीया

दिसंबर

3 मुहूर्त
8 दिसंबरसोमवाररेवतीदशमी
12 दिसंबरशुक्रवाररोहिणीपूर्णिमा
13 दिसंबरशनिवारमृगशिराप्रतिपदा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष