शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2006

2006 की 47 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
20 जनवरीशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
21 जनवरीशनिवारहस्तसप्तमी
23 जनवरीसोमवारस्वातीअष्टमी
25 जनवरीबुधवारअनुराधादशमी
27 जनवरीशुक्रवारमूलत्रयोदशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
2 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
3 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी
8 फ़रवरीबुधवारमृगशिराएकादशी
16 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
19 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
23 फ़रवरीगुरुवारमूलदशमी
25 फ़रवरीशनिवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

2 मुहूर्त
2 मार्चगुरुवारउत्तर भाद्रपदातृतीया
6 मार्चसोमवाररोहिणीसप्तमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
15 अप्रैलशनिवारस्वातीद्वितीया
19 अप्रैलबुधवारमूलषष्ठी
21 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
26 अप्रैलबुधवाररेवतीत्रयोदशी
30 अप्रैलरविवाररोहिणीतृतीया

मई

7 मुहूर्त
7 मईरविवारमघादशमी
10 मईबुधवारहस्तद्वादशी
14 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
18 मईगुरुवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
24 मईबुधवाररेवतीद्वादशी
28 मईरविवाररोहिणीप्रतिपदा
29 मईसोमवारमृगशिराद्वितीया

जून

6 मुहूर्त
3 जूनशनिवारमघासप्तमी
8 जूनगुरुवारस्वातीद्वादशी
11 जूनरविवारअनुराधापूर्णिमा
14 जूनबुधवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
19 जूनसोमवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी
30 जूनशुक्रवारमघापंचमी

जुलाई

3 मुहूर्त
2 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
3 जुलाईसोमवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
6 जुलाईगुरुवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
3 नवंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
8 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
16 नवंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 नवंबरशुक्रवारहस्तद्वादशी
23 नवंबरगुरुवारमूलतृतीया
25 नवंबरशनिवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
30 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदादशमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
1 दिसंबरशुक्रवाररेवतीएकादशी
6 दिसंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया
11 दिसंबरसोमवारमघासप्तमी
13 दिसंबरबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
16 दिसंबरशनिवारस्वातीएकादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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