शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2005

2005 की 57 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

8 मुहूर्त
15 जनवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदाषष्ठी
16 जनवरीरविवाररेवतीसप्तमी
21 जनवरीशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
22 जनवरीशनिवारमृगशिराद्वादशी
27 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
28 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
30 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
31 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
2 फ़रवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
4 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
6 फ़रवरीरविवारमूलद्वादशी
7 फ़रवरीसोमवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
13 फ़रवरीरविवाररेवतीपंचमी
18 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
24 फ़रवरीगुरुवारमघापूर्णिमा
26 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीद्वितीया
27 फ़रवरीरविवारहस्ततृतीया

मार्च

4 मुहूर्त
3 मार्चगुरुवारअनुराधासप्तमी
7 मार्चसोमवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी
11 मार्चशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाप्रतिपदा
12 मार्चशनिवाररेवतीद्वितीया

अप्रैल

5 मुहूर्त
14 अप्रैलगुरुवारमृगशिराषष्ठी
22 अप्रैलशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीत्रयोदशी
25 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
27 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
30 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी

मई

8 मुहूर्त
5 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
6 मईशुक्रवाररेवतीत्रयोदशी
11 मईबुधवारमृगशिरातृतीया
19 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
20 मईशुक्रवारहस्तएकादशी
22 मईरविवारस्वातीत्रयोदशी
26 मईगुरुवारमूलतृतीया
28 मईशनिवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

जून

10 मुहूर्त
1 जूनबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
2 जूनगुरुवाररेवतीएकादशी
8 जूनबुधवारमृगशिराद्वितीया
13 जूनसोमवारमघाषष्ठी
15 जूनबुधवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी
18 जूनशनिवारस्वातीएकादशी
20 जूनसोमवारअनुराधात्रयोदशी
22 जूनबुधवारमूलपूर्णिमा
24 जूनशुक्रवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
29 जूनबुधवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

3 मुहूर्त
4 जुलाईसोमवाररोहिणीत्रयोदशी
13 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
14 जुलाईगुरुवारहस्तसप्तमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

6 मुहूर्त
13 नवंबररविवाररेवतीद्वादशी
17 नवंबरगुरुवाररोहिणीद्वितीया
18 नवंबरशुक्रवारमृगशिरातृतीया
24 नवंबरगुरुवारमघाअष्टमी
26 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीदशमी
27 नवंबररविवारहस्तएकादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
3 दिसंबरशनिवारमूलद्वितीया
10 दिसंबरशनिवारउत्तर भाद्रपदादशमी
11 दिसंबररविवाररेवतीएकादशी
15 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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