शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2003

2003 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

7 मुहूर्त
15 जनवरीबुधवाररोहिणीद्वादशी
16 जनवरीगुरुवारमृगशिरात्रयोदशी
23 जनवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
24 जनवरीशुक्रवारहस्तसप्तमी
25 जनवरीशनिवारस्वातीअष्टमी
27 जनवरीसोमवारअनुराधादशमी
29 जनवरीबुधवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
6 फ़रवरीगुरुवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
7 फ़रवरीशुक्रवाररेवतीषष्ठी
12 फ़रवरीबुधवारमृगशिरादशमी
17 फ़रवरीसोमवारमघाप्रतिपदा
19 फ़रवरीबुधवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
22 फ़रवरीशनिवारस्वातीषष्ठी
24 फ़रवरीसोमवारअनुराधाअष्टमी
26 फ़रवरीबुधवारमूलदशमी
28 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाद्वादशी

मार्च

3 मुहूर्त
5 मार्चबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 मार्चगुरुवाररेवतीतृतीया
10 मार्चसोमवाररोहिणीसप्तमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
16 अप्रैलबुधवारहस्तपूर्णिमा
19 अप्रैलशनिवारअनुराधातृतीया
21 अप्रैलसोमवारमूलपंचमी
23 अप्रैलबुधवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
28 अप्रैलसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी

मई

4 मुहूर्त
4 मईरविवाररोहिणीतृतीया
12 मईसोमवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 मईशनिवारअनुराधाप्रतिपदा
26 मईसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी

जून

5 मुहूर्त
1 जूनरविवारमृगशिराप्रतिपदा
7 जूनशनिवारमघासप्तमी
11 जूनबुधवारस्वातीएकादशी
15 जूनरविवारमूलप्रतिपदा
22 जूनरविवारउत्तर भाद्रपदाअष्टमी

जुलाई

4 मुहूर्त
4 जुलाईशुक्रवारमघापंचमी
6 जुलाईरविवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
7 जुलाईसोमवारहस्तअष्टमी
9 जुलाईबुधवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
5 नवंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
6 नवंबरगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी
12 नवंबरबुधवारमृगशिरातृतीया
20 नवंबरगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
22 नवंबरशनिवारस्वातीत्रयोदशी
24 नवंबरसोमवारअनुराधाप्रतिपदा
26 नवंबरबुधवारमूलतृतीया
28 नवंबरशुक्रवारउत्तर आषाढ़ापंचमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
3 दिसंबरबुधवारउत्तर भाद्रपदादशमी
4 दिसंबरगुरुवाररेवतीएकादशी
8 दिसंबरसोमवाररोहिणीपूर्णिमा
10 दिसंबरबुधवारमृगशिराद्वितीया
15 दिसंबरसोमवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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