शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 2009

2009 की 46 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

5 मुहूर्त
16 जनवरीशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीषष्ठी
17 जनवरीशनिवारहस्तसप्तमी
21 जनवरीबुधवारअनुराधाएकादशी
23 जनवरीशुक्रवारमूलत्रयोदशी
31 जनवरीशनिवारउत्तर भाद्रपदापंचमी

फ़रवरी

9 मुहूर्त
1 फ़रवरीरविवाररेवतीषष्ठी
5 फ़रवरीगुरुवाररोहिणीदशमी
6 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिराएकादशी
12 फ़रवरीगुरुवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
15 फ़रवरीरविवारस्वातीषष्ठी
20 फ़रवरीशुक्रवारमूलएकादशी
22 फ़रवरीरविवारउत्तर आषाढ़ात्रयोदशी
27 फ़रवरीशुक्रवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
28 फ़रवरीशनिवाररेवतीतृतीया

मार्च

3 मुहूर्त
4 मार्चबुधवाररोहिणीअष्टमी
12 मार्चगुरुवारउत्तर फाल्गुनीप्रतिपदा
13 मार्चशुक्रवारहस्ततृतीया

अप्रैल

4 मुहूर्त
15 अप्रैलबुधवारमूलषष्ठी
17 अप्रैलशुक्रवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
18 अप्रैलशनिवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
23 अप्रैलगुरुवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

6 मुहूर्त
6 मईबुधवारहस्तद्वादशी
10 मईरविवारअनुराधाप्रतिपदा
15 मईशुक्रवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
20 मईबुधवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
21 मईगुरुवाररेवतीद्वादशी
25 मईसोमवाररोहिणीप्रतिपदा

जून

7 मुहूर्त
5 जूनशुक्रवारस्वातीत्रयोदशी
7 जूनरविवारअनुराधापूर्णिमा
11 जूनगुरुवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
18 जूनगुरुवाररेवतीदशमी
21 जूनरविवाररोहिणीत्रयोदशी
27 जूनशनिवारमघापंचमी
29 जूनसोमवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी

जुलाई

1 मुहूर्त
2 जुलाईगुरुवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

1 मुहूर्त
31 अक्टूबरशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

नवंबर

6 मुहूर्त
5 नवंबरगुरुवाररोहिणीतृतीया
13 नवंबरशुक्रवारहस्तद्वादशी
18 नवंबरबुधवारअनुराधाद्वितीया
22 नवंबररविवारउत्तर आषाढ़ापंचमी
27 नवंबरशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
28 नवंबरशनिवाररेवतीएकादशी

दिसंबर

4 मुहूर्त
2 दिसंबरबुधवाररोहिणीपूर्णिमा
3 दिसंबरगुरुवारमृगशिराप्रतिपदा
11 दिसंबरशुक्रवारहस्तदशमी
13 दिसंबररविवारस्वातीद्वादशी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

अन्य वर्ष