शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1927

1927 की 53 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

9 मुहूर्त
14 जनवरीशुक्रवाररोहिणीद्वादशी
15 जनवरीशनिवारमृगशिरात्रयोदशी
20 जनवरीगुरुवारमघाद्वितीया
21 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
23 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
24 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
26 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
28 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
30 जनवरीरविवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

7 मुहूर्त
6 फ़रवरीरविवारउत्तर भाद्रपदापंचमी
7 फ़रवरीसोमवाररेवतीषष्ठी
11 फ़रवरीशुक्रवारमृगशिरादशमी
17 फ़रवरीगुरुवारमघाप्रतिपदा
19 फ़रवरीशनिवारउत्तर फाल्गुनीतृतीया
25 फ़रवरीशुक्रवारअनुराधाअष्टमी
27 फ़रवरीरविवारमूलदशमी

मार्च

3 मुहूर्त
5 मार्चशनिवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
6 मार्चरविवाररेवतीतृतीया
10 मार्चगुरुवाररोहिणीअष्टमी

अप्रैल

5 मुहूर्त
18 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
20 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
22 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी
24 अप्रैलरविवारउत्तर आषाढ़ासप्तमी
29 अप्रैलशुक्रवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

6 मुहूर्त
4 मईबुधवाररोहिणीतृतीया
12 मईगुरुवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
13 मईशुक्रवारहस्तद्वादशी
22 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
26 मईगुरुवारउत्तर भाद्रपदादशमी
27 मईशुक्रवाररेवतीएकादशी

जून

8 मुहूर्त
1 जूनबुधवारमृगशिराद्वितीया
6 जूनसोमवारमघासप्तमी
9 जूनगुरुवारहस्तदशमी
12 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
16 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
18 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
24 जूनशुक्रवाररेवतीदशमी
27 जूनसोमवाररोहिणीत्रयोदशी

जुलाई

3 मुहूर्त
6 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
7 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
9 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

7 मुहूर्त
6 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
7 नवंबरसोमवाररेवतीत्रयोदशी
11 नवंबरशुक्रवाररोहिणीतृतीया
19 नवंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
20 नवंबररविवारहस्तद्वादशी
25 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
27 नवंबररविवारमूलतृतीया

दिसंबर

5 मुहूर्त
4 दिसंबररविवारउत्तर भाद्रपदादशमी
5 दिसंबरसोमवाररेवतीएकादशी
8 दिसंबरगुरुवाररोहिणीपूर्णिमा
9 दिसंबरशुक्रवारमृगशिराप्रतिपदा
14 दिसंबरबुधवारमघाषष्ठी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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