शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त 1930

1930 की 50 शुभ विवाह तिथियाँ — नक्षत्र, तिथि और मास सहित। चातुर्मास, खरमास, अधिक मास तथा रिक्ता तिथियाँ छोड़ी गई हैं।

जनवरी

6 मुहूर्त
17 जनवरीशुक्रवारमघातृतीया
19 जनवरीरविवारउत्तर फाल्गुनीपंचमी
20 जनवरीसोमवारहस्तषष्ठी
22 जनवरीबुधवारस्वातीअष्टमी
24 जनवरीशुक्रवारअनुराधादशमी
26 जनवरीरविवारमूलद्वादशी

फ़रवरी

4 मुहूर्त
9 फ़रवरीरविवारमृगशिरादशमी
14 फ़रवरीशुक्रवारमघाप्रतिपदा
20 फ़रवरीगुरुवारअनुराधाअष्टमी
23 फ़रवरीरविवारमूलदशमी

मार्च

4 मुहूर्त
2 मार्चरविवारउत्तर भाद्रपदाद्वितीया
3 मार्चसोमवाररेवतीतृतीया
8 मार्चशनिवाररोहिणीअष्टमी
13 मार्चगुरुवारमघात्रयोदशी

अप्रैल

5 मुहूर्त
14 अप्रैलसोमवारस्वातीप्रतिपदा
16 अप्रैलबुधवारअनुराधातृतीया
18 अप्रैलशुक्रवारमूलपंचमी
21 अप्रैलसोमवारउत्तर आषाढ़ाअष्टमी
26 अप्रैलशनिवारउत्तर भाद्रपदात्रयोदशी

मई

10 मुहूर्त
1 मईगुरुवाररोहिणीतृतीया
9 मईशुक्रवारउत्तर फाल्गुनीद्वादशी
10 मईशनिवारहस्तत्रयोदशी
12 मईसोमवारस्वातीपूर्णिमा
14 मईबुधवारअनुराधाद्वितीया
18 मईरविवारउत्तर आषाढ़ाषष्ठी
23 मईशुक्रवारउत्तर भाद्रपदादशमी
24 मईशनिवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
25 मईरविवाररेवतीद्वादशी
29 मईगुरुवारमृगशिराप्रतिपदा

जून

5 मुहूर्त
6 जूनशुक्रवारहस्तदशमी
8 जूनरविवारस्वातीद्वादशी
12 जूनगुरुवारमूलप्रतिपदा
14 जूनशनिवारउत्तर आषाढ़ातृतीया
21 जूनशनिवाररेवतीदशमी

जुलाई

3 मुहूर्त
2 जुलाईबुधवारउत्तर फाल्गुनीसप्तमी
3 जुलाईगुरुवारहस्तअष्टमी
5 जुलाईशनिवारस्वातीदशमी

अगस्त

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

सितंबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

अक्टूबर

कोई मुहूर्त नहीं

इस मास में विवाह वर्जित है।

नवंबर

8 मुहूर्त
3 नवंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाद्वादशी
8 नवंबरशनिवाररोहिणीद्वितीया
9 नवंबररविवारमृगशिरातृतीया
16 नवंबररविवारउत्तर फाल्गुनीएकादशी
17 नवंबरसोमवारहस्तद्वादशी
21 नवंबरशुक्रवारअनुराधाप्रतिपदा
23 नवंबररविवारमूलतृतीया
30 नवंबररविवारउत्तर भाद्रपदादशमी

दिसंबर

5 मुहूर्त
1 दिसंबरसोमवारउत्तर भाद्रपदाएकादशी
6 दिसंबरशनिवाररोहिणीप्रतिपदा
7 दिसंबररविवारमृगशिराद्वितीया
11 दिसंबरगुरुवारमघाषष्ठी
13 दिसंबरशनिवारउत्तर फाल्गुनीअष्टमी

ये तिथियाँ कैसे निकाली गईं

  • सूर्योदय के समय चंद्रमा 11 विवाह-नक्षत्रों में से किसी एक में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तर आषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा, रेवती।
  • तिथि रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) या अमावस्या न हो।
  • वार मंगलवार न हो।
  • दिन चातुर्मास (देवशयनी → देवउठनी एकादशी) में न पड़े।
  • सूर्य धनु या मीन राशि में न हो (खरमास), और मास अधिक मास न हो।

प्रत्येक तिथि काशी के सूर्योदय पर गणना की गई है। दिन के भीतर लग्न-शुद्धि, गुण मिलान और वर-वधू की कुंडली देखकर ही अंतिम मुहूर्त तय होता है — इसके लिए ज्योतिषी से परामर्श करें।

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