आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- सप्तमी
- तक 20:47
- नक्षत्र
- अश्विनी
- तक 21:21
- योग
- शूल
- करण
- विष्टि
- सूर्योदय
- 05:26
- सूर्यास्त
- 18:41
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:31
- सूर्यास्त18:34
- व्रत अवधि (तिथि)2026-08-14 · 18:49 → 17:32
- पारण (तिथि समाप्ति)17:32
हरियाली तीज कब है
| 2025 | रविवार, 27 जुलाई 2025 |
| 2026 | शनिवार, 15 अगस्त 2026 |
| 2027 | बुधवार, 4 अगस्त 2027 |
| 2028 | सोमवार, 24 जुलाई 2028 |
| 2029 | रविवार, 12 अगस्त 2029 |
तिथियाँ काशी के सूर्योदय के अनुसार खगोलीय गणना से निकाली गई हैं।
हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ती है, वर्षा ऋतु के चरम पर जब धरती हरी-भरी हो जाती है — यही 'हरियाली' है। यह पार्वती और शिव के पुनर्मिलन का उत्सव है: अनेक जन्मों की तपस्या के पश्चात इसी दिन शिव ने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया।
विवाहित स्त्रियाँ इसे पति के कल्याण और दीर्घायु हेतु रखती हैं, और नववधुएँ प्रायः अपनी पहली तीज मायके में मनाती हैं। एक मास पश्चात आने वाली कठोर हरतालिका तीज के विपरीत, यहाँ भाव उत्सव का है — हरी साड़ियाँ और काँच की चूड़ियाँ, मेहंदी, और वृक्षों पर पड़े झूले, जहाँ स्त्रियाँ सावन के तीज-गीत गाती हैं।
पूजन गौरी-शंकर का साथ-साथ होता है; सिंजारा — वस्त्र, चूड़ियों और मेहंदी का उपहार — इस दिन से पूर्व आता है, और व्रत संध्या की गौरी पूजा के पश्चात पूर्ण होता है।
हरियाली तीज पूजा विधि
- 1उठकर स्नान करें, हरे वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
- 2गौरी (पार्वती) और शिव की प्रतिमाएँ स्थापित करें, पार्वती को सोलह शृंगार अर्पित करें।
- 3हरी चूड़ियाँ, पुष्प, फल और मिष्ठान्न अर्पित करें, और घी का दीप जलाएँ।
- 4शिव-पार्वती के मिलन की हरियाली तीज कथा पढ़ें या सुनें।
- 5आरती करें, झूला झूलें और तीज-गीत गाएँ।
- 6पूजन के पश्चात व्रत पूर्ण करें।
मंत्र
ॐ नमः शिवाय
Om Namah Shivaya
शिव को नमस्कार — गौरी-शंकर उपासना का मूल पंचाक्षर मंत्र।
व्रत के नियम
- विवाहित स्त्रियाँ परंपरा से दिन भर निर्जल या फलाहार व्रत रखती हैं।
- हरा रंग धारण किया जाता है — साड़ियाँ, काँच की चूड़ियाँ और मेहंदी — जो वर्षा-सिंचित धरती और सौभाग्य का रंग है।
- वृक्षों पर झूले डाले जाते हैं और स्त्रियाँ मिलकर ऋतु के तीज-गीत गाती हैं।
- सिंजारा — मायके या ससुराल से उपहार — पर्व से पूर्व आता है।
- व्रत संध्या की गौरी-शंकर पूजा के पश्चात पूर्ण होता है।
सामान्य भूलें — किनसे बचें
- इसे हरतालिका तीज से भ्रमित करना — हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया (मानसून) है, हरतालिका भाद्रपद में और कहीं अधिक कठोर (निर्जला) है।
- इसे कजरी तीज से मिलाना, जो एक पखवाड़े बाद भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में आती है।
- सिंजारा भूलना — परिवार से उपहार दिन की एक मूल प्रथा है।
- पार्वती–शिव पुनर्मिलन कथा की अनदेखी जो व्रत को अर्थ देती है।
हरियाली तीज की व्रत कथा
पार्वती, शिव को पाने के संकल्प से, अनेक जन्मों तक अटूट तपस्या करती रहीं। जिस कथा का हरतालिका तीज भी स्मरण करती है, उसमें उनके पिता ने उनका विवाह अन्यत्र तय कर दिया था; वे अपनी सखियों संग वन में चली गईं और ऐसी तपस्या से शिव की उपासना की जो उनके अतिरिक्त कुछ न माँगती थी। अंततः प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया, और उनका पुनर्मिलन श्रावण की तृतीया को माना जाता है।
हरतालिका तीज जहाँ तपस्या की कठोरता का स्मरण करती है, वहीं हरियाली तीज उसके फल — मिलन — का उत्सव मनाती है, वर्षा की हरियाली में, झूलों और गीतों के संग।
हरियाली तीज — समय-रेखा
- सिंजारा — पूर्व-संध्या
हरी चूड़ियाँ, वस्त्र, मेहंदी और मिष्ठान्न (सिंजारा) के उपहार मायके या ससुराल से आते हैं।
- प्रातः — हरा एवं मेहंदी
स्त्रियाँ हरा पहनतीं, मेहंदी लगातीं, और एकत्र होतीं; विवाहित पुत्रियाँ प्रायः दिन हेतु मायके लौटती हैं।
- झूला एवं तीज गीत
वृक्षों से झूले डाले जाते, और पार्वती तथा मानसून के तीज गीत गाए जाते, स्त्रियाँ साथ झूलतीं।
- पार्वती पूजा एवं व्रत
सुखद दीर्घ दांपत्य हेतु पार्वती-शिव पूजे जाते; व्रत रखा जाता और संध्या पूजा के पश्चात खोला जाता है।
प्रसिद्ध स्थान एवं मंदिर
जयपुर, राजस्थान
राजसी तीज सवारी तीज माता (पार्वती) की पालकी पुराने नगर से ले जाती है, राज्य के सबसे रंगीन दृश्यों में एक।
बूंदी एवं राजस्थान
मेले, हरे वस्त्र, मेहंदी और हर वृक्ष से लटके झूले राजस्थान और हरियाणा भर में मानसून तीज चिह्नित करते हैं।
वृंदावन एवं ब्रज
हरियाली तीज का झूलन — राधा-कृष्ण फूलों से सजे झूलों पर — बांके बिहारी मंदिर में भीड़ खींचता है।
नेपाल एवं पहाड़
लाल-हरे में स्त्रियाँ तीज गीत, नृत्य और झूले हेतु एकत्र होतीं, दांपत्य-कल्याण हेतु व्रत रखतीं।
रोचक तथ्य
- ◆दिन पार्वती के शिव से पुनर्मिलन को दर्शाता है, जिन्होंने अनेक जन्मों के दीर्घ तप के पश्चात उन्हें अर्धांगिनी स्वीकार किया।
- ◆'हरियाली' अर्थात हरितिमा — पर्व उस मानसून का उत्सव करता है जो भूमि को हरा करता है, और सर्वत्र हरा पहना जाता है।
- ◆यह तीन तीज पर्वों में एक है — हरियाली (श्रावण), कजरी (भाद्रपद कृष्ण) और हरतालिका (भाद्रपद शुक्ल)।
- ◆सिंजारा — हरी चूड़ियों, मेहंदी, वस्त्रों और घेवर मिष्ठान्न की टोकरी — दिन का क्लासिक उपहार है।
सामान्य प्रश्न
हरियाली तीज कब मनाई जाती है?
श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को, वर्षा ऋतु में — नाग पंचमी से कुछ दिन पूर्व और रक्षा बंधन से लगभग दो सप्ताह पहले। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
हरियाली तीज हरतालिका तीज से किस प्रकार भिन्न है?
हरियाली तीज श्रावण में पड़ती है और झूले, हरे वस्त्र व मेहंदी का हल्का उत्सव है। हरतालिका तीज एक मास पश्चात भाद्रपद में पड़ती है और कठोर निर्जल व्रत तथा रात्रि जागरण पर केंद्रित है।
हरियाली तीज का व्रत कौन रखता है?
विवाहित स्त्रियाँ पति की दीर्घायु और कल्याण हेतु; नववधुएँ प्रायः अपनी पहली तीज मायके में मनाती हैं, और कुमारी कन्याएँ योग्य वर की कामना से रख सकती हैं।
हरियाली तीज पर हरा रंग क्यों पहना जाता है?
हरा वर्षा-सिंचित धरती और सौभाग्य का रंग है; स्त्रियाँ ऋतु और पर्व दोनों के प्रतीक रूप में हरी साड़ियाँ, काँच की चूड़ियाँ और मेहंदी धारण करती हैं।
अन्य पर्व-मार्गदर्शिकाएँ
- मकर संक्रांति
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- होली
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादि
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- बुद्ध पूर्णिमा
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- निर्जला एकादशी
- जगन्नाथ रथ यात्रा
- देवशयनी एकादशी
- गुरु पूर्णिमा
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- राधा अष्टमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष प्रारंभ
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दुर्गा अष्टमी
- महानवमी
- दशहरा / विजयादशमी
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)
- गुरु नानक जयंती
- गीता जयंती
- मौनी अमावस्या
- बैसाखी (मेष संक्रांति)
पर्व टूलकिट
पूजा चेकलिस्ट
जैसे-जैसे सामग्री जुटाएँ, टिक करें — इस डिवाइस पर सहेजा जाता है।
साझा करने योग्य शुभकामनाएँ
उद्धरण
“हरियाली तीज हमें स्मरण कराता है कि श्रद्धा और सद्भाव ही जीवन के सच्चे उत्सव हैं।”
इस पर्व के आसपास
इस दिन का समय
संबंधित पर्व
Explore more
अब भी प्रश्न हैं?
Tara से पूछें — हरियाली तीज पर आपके प्रश्नों के उत्तर, आपकी भाषा में।
- हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?
- सिंजारा क्या है और कौन भेजता है?
- हरियाली तीज के व्रत नियम क्या हैं?
- जयपुर की तीज सवारी कैसे मनाई जाती है?
- हरियाली तीज पर हरा क्यों पहना और झूले क्यों डाले जाते हैं?